मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर संवाद किया। “मामाजी लाइव’’ के हैशटेग से हुए इस कार्यक्रम में आरजे अनादि और पिंकी ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से उनकी कार्य-प्रणाली, विभिन्न योजनाओं और जीवन-शैली के संबंध में प्रश्न किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसी क्रम में जन-सामान्य से आए प्रश्नों के भी बहुत सहजता से उत्तर दिए। मुख्यमंत्री ने इंस्टाग्राम पर संवाद की शुरूआत कर सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं इस प्लेटफार्म पर नया हूँ, मेरे भांजे-भांजियाँ तो इंस्टाग्राम का पहले से ही उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में वे मेरे गुरू हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से किए गये प्रश्न और उनके द्वारा दिए गए उत्तर
1. मुख्यमंत्री श्री चौहान से आरजे अनादि ने पूछा कि आप दिन की शुरुआत कैसे करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं सुबह जल्दी उठ कर समाचार-पत्र पढ़ता हूँ, कुछ देर पैदल टहलता हूँ और योग, प्राणायाम और ध्यान करता हूँ। गाय की दो बच्छियाँ को रोटी खिलाना और पौध-रोपण करने के बाद रोजमर्रा के कार्य शुरू करता हूँ।
प्रश्न : आप युवाओं को पौध-रोपण अभियान से कैसे जोड़ रहे हैं ?
मुख्यमंत्री : मेरे अकेले पौध-रोपण करने से कुछ नहीं होगा। सबकी सहभागिता जरूरी है। मैं लगातार अपील कर रहा हूँ कि अपने जन्म-दिन, विवाह वर्षगाँठ और परिजन की स्मृति में पौधे जरूर लगाए और उनकी देख-रेख भी करें। पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में अंकुर अभियान संचालित है। भांजे-भांजियाँ पौध-रोपण कर अपनी फोटो अंकुर पोर्टल पर अपलोड करें और पौधे के बढ़ने के साथ निश्चित अंतराल पर फोटो भी पोर्टल पर डालते रहें।
प्रश्न : आप सभी कार्यक्रम कन्या-पूजन से आरंभ करते हैं, ऐसा क्यों ?
मुख्यमंत्री : हमारे देश में कहा गया है कि जहाँ नारी की पूजा होती है, उसका सम्मान होता है, वहीं देवता निवास करते हैं। माँ-बहन, बेटी के बिना दुनिया नहीं चल सकती। कन्या-पूजन से समाज को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है। दैनिक जीवन में हम माँ-बहन बेटी का सम्मान करें और उनके साथ बेहतर व्यवहार रखें।
प्रश्न : कृपया लाड़ली बहना योजना के बारे में बताएं?
मुख्यमंत्री : “लाड़ली बहना’’ योजना महिला सशक्तिकरण का अभियान है। अगर माँ-बहन, बेटी सशक्त हैं तो परिवार सशक्त होगा। परिवार सशक्त है तो प्रदेश सशक्त होगा और प्रदेश सशक्त होगा तो देश सशक्त होगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना आरंभ की गई। मन में यह भाव था कि किसी को भी बेटी बोझ नहीं लगे, अपितु वह वरदान बन जाए। इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहना योजना आरंभ की जा रही है। महिला के पास पैसे होंगे, तो वह परिवार को सशक्त और समृद्ध करने में ही उसका उपयोग करेगी। इस योजना में गरीब, निम्न आय वर्ग के परिवारों की बहनों को एक हजार रूपये प्रतिमाह उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रश्न : मामाजी बनने का सफर कैसे आरंभ हुआ ?
मुख्यमंत्री : लाड़ली लक्ष्मी योजना इस उद्देश्य से आरंभ की गई थी कि बच्ची लखपति ही पैदा हो। साथ ही बेटियों को स्कूल शिक्षा की सुविधाएँ देने की व्यवस्था की गई। इन सबका परिणाम यह रहा कि बेटियाँ कहने लगी कि ये तो हमारे मामा हैं। बेटियों के साथ बेटों और बुजुर्गों ने भी मुझे मामा कहना शुरू कर दिया, जिसके मन में बेटियों के प्रति दो-दो माँ का प्यार हो वह "मामा" है।
प्रश्न : आप युवाओं को कैसे प्रोत्साहित करते हैं ?

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